आलोक चौरसिया की विधायिकी रद करने की मांग, केएन त्रिपाठी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका

News Desk

आलोक की विधायिकी रद करने को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी है। पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने कम उम्र का हवाला देकर याचिका दायर की है।

रांची । झारखंड के डालटनगंज विधानसभा से कांग्रेस उम्मीदवार व झारखंड सरकार में पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने सोमवार को देश की सर्वोच्‍च अदालत सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें उन्‍होंने डालटनगंज विधायक आलोक कुमार चौरसिया की उम्र को आधार बनाकर उनकी विधायिकी रद करने की मांग की है।

केएन त्रिपाठी ने अपनी याचिका में आलोक चौरसिया की जन्म तिथि 15 फरवरी 1995 बताई है, जो विधायक बनने की न्यूनतम उम्र सीमा 25 वर्ष से कम है। त्रिपाठी ने कहा है कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर विगत विधानसभा चुनाव 2014 में भी आलोक चौरसिया ने नामांकन किया था। इस चुनाव में भी उनकी आयु 25 वर्ष से कम है। 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में वे भाजपा के टिकट पर विधायक बने हैं।

कम उम्र के आधार पर उनके निर्वाचन को रद करने का आग्रह किया है। यह जानकारी त्रिपाठी के प्रतिनिधि हरिओम ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है। बताया कि याचिका के बाद कोर्ट ने भाजपा विधायक आलोक चौरसिया को नोटिस भेज कर इस पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही मामले को आजम खान के बेटे के केस के साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर लिया है। गौरतलब है कि यह मामला हाई कोर्ट में था लेकिन 20 दिसंबर 2019 को अदालत ने यह कहते हुए केस को खारिज कर दिया कि इसमें पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।

(साभार :दैनिक जागरण)

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