282 साल बाद पहली बार रामनवमी पर तपोवन मंदिर का मुख्य द्वार बंद

News Desk
  • मंदिर का मुख्य द्वार राज्य सरकार के अगले आदेश तक बंद
  • मंदिर में पुजारियों द्वारा नियमित पूजा अर्चना जारी रहेगी
  • रांची. शहर में लॉकडाउन को देखते हुए गुरुवार को श्री रामनवमी पर निवारणपुर स्थित श्री राम जानकी तपोवन मंदिर के कपाट नहीं खोले गए। तपोवन मंदिर ट्रस्ट कमेटी ने यह निर्णय लिया गया है। मंदिर के 282 वर्षों के इतिहास में यह पहला मौका है कि रामनवमी के दिन मंदिर का मुख्य द्वार बंद रहा।

    कमेटी के मीडिया प्रभारी ने अमित बजाज ने कहा है कि श्रद्धालु भगवान श्री राम के दर्शनों के लिए कतार न लगाएं। दर्शन के लिए कपाट नहीं खोला जाएगा। मंदिर प्रबंध कमेटी ने राम भक्तों से आग्रह किया है कि वह अपने अपने घरों में सुरक्षित रहें और श्री राम लला के जन्म के समय अपने घरों में दीप जलाएं। हनुमान चालीसा और श्री रामरक्षा स्तोत्र पाठ, जाप और आरती करें। मंदिर में पुजारियों द्वारा नियमित पूजा अर्चना जारी रहेगी। मंदिर का मुख्य द्वार राज्य सरकार के अगले आदेश तक बंद रखा जाएगा और किसी भी परिस्थिति में मंदिर में प्रवेश वर्जित होगा।

    पहला झंडा महावीर चौक से तपोवन मंदिर तक गया
    रामभक्त हनुमान के प्राचीन तपोवन मंदिर का इतिहास रांची की रामनवमी से कई दशक पुराना है। उत्तर से मध्य भारत में रामनवमी के दिन राम की पूजा अर्चना की जाती है, लेकिन झारखंड में रामनवमी के दिन रामभक्त हनुमान की पूजा ही नहीं, बल्कि कई जगहों पर विशाल महावीरी झंडों के साथ शोभायात्रा व जुलूस निकाले जाते हैं। अखाड़ों में सुबह पूजा अर्चना के बाद विशाल महावीरी पताकाओं के साथ जुलूस निकाले जाते हैं। ढोल नगाड़ों की गूंज के बीच विभिन्न अखाड़ों के जुलूस एक दूसरे से मिलते हुए विशाल शोभायात्रा के रूप में तपोवन मंदिर पहुंचते हैं। यहां पहली बार 1929 में उस झंडे की पूजा हुई थी, जो महावीर चौक के प्राचीन हनुमान मंदिर से वहां ले जाया गया था। तत्कालीन महंत बंकटेश्वर दास ने जुलूस का स्वागत और झंडे का पूजन किया था। उसी दिन से यह परंपरा शुरू हुई।

    धनबाद में भी बंद कराया गया मंदिर
    इधर, धनबाद में कोरोनावायरस संक्रमण को लेकर डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर मुकेश कुमार के नेतृत्व में शहर के विभिन्न मंदिरों को बंद कराया गया। सुबह से ही मंदिरों में भगवान हनुमान को ध्वज अर्पण करने को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ हो गई थी। इससे संक्रमण का खतरा काफी बढ़ गया था। इस वजहस से डीएसपी ने रणधीर वर्मा चौक हनुमान मंदिर, हीरापुर हनुमान मंदिर, बरमसिया सहित शहर के अन्य मंदिरों को बंद कराया। लोगों की भीड़ को काबू करने के लिए हीरापुर के दवा और राशन दुकानों को भी बंद कराना पड़ा।

    (साभार :दैनिक भास्कर)

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