रिम्स में आज फिर हुई एक और कोरोना संक्रमित की मौत, कल मोक्ष धाम में किया गया था कोरोना पॉजिटिव एक मृतक का दाह संस्कार

News Desk
  • मरीज सिमडेगा का रहने वाला था और किडनी की बीमारी से ग्रस्त था, उसे शुक्रवार की सुबह ही मेडिका से रिम्स लाया गया था
  • गुरुवार को भारी सुरक्षा के बीच प्रशासन ने मोक्ष धाम (एलपीजी संचालित शवदाह गृह) में एक कोरोना संक्रमित मरीज के शव का दाह संस्कार करवाया था
  • रिम्स के न्यूराे आईसीयू वार्ड में कोरोना पॉजिटिव मरीज की माैत के बाद इसे गुरुवार को दो दिनों के लिए सील कर दिया गया
  • रांची. रिम्स में एक और कोरोना संक्रमित 70 वर्षीय मरीज की शुक्रवार को मौत हो गई। मरीज सिमडेगा का रहने वाला था। इसे शुक्रवार की सुबह 3 बजे ही मेडिका से रिम्स के कोविड-19 वार्ड में शिफ्ट किया गया था। इसके साथ ही रांची में कोरोना संक्रमण से मौत का आंकड़ा 7 हो गया। इधर, कोकर के रहने वाले कोरोना पॉजिटिव मरीज की गुरुवार को मौत होने के बाद भारी सुरक्षा के बीच प्रशासन ने देर रात मोक्ष धाम (एलपीजी संचालित शवदाह गृह) में शव का दाह संस्कार करवाया।

    वहीं, शुक्रवार को मेडिका से रिम्स के कोविड-19 वार्ड में लाया गया मरीज किडनी की बीमारी से ग्रस्त था। मेडिका में उसका इलाज चल रहा था। गुरुवार को इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी। इसके बाद मेडिका ने उसे शुक्रवार सुबह 3 बजे रिम्स रेफर किया। मरीज की स्थिति काफी गंभीर थी। रिम्स पहुंचे एम्बुलेंस से उतारने के दौरान ही सुबह 3:30 बजे मरीज ने दम तोड़ दिया। फिलहाल शव को शवगृह में रखा गया है।

    उधर, कोकर निवासी मरीज का रिम्स के न्यूराे आईसीयू वार्ड में माैत होने के बाद यहां से सभी मरीजाें काे दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर इसे सील कर दिया गया है। दाे दिनाें तक सैनिटाइज करने के बाद इसे खाेला जाएगा। सभी डाॅक्टराें-नर्सों के सैंपल शनिवार काे लिए जाएंगे और वे काम करते रहेंगे।

    मारवाड़ी सहायक समिति का प्रयास शहर के काम आया
    वहीं, एक दशक से बंद पड़े विद्युत शवदाह गृह को मारवाड़ी सहायक समिति ने पिछले माह ही शुरू किया है। आरआरडीए और नगर निगम के फेल होने और इससे पूर्व कोरोना से होने वाली मौत के बाद दाह संस्कार को लेकर हुए विवाद को देखते हुए समिति ने आनन-फानन में शवदाह गृह को एलपीजी से शुरू कराया। समिति का यह प्रयास गुरुवार को सफल रहा जब विधिवत कोरोना पॉजिटिव मृतक का शव इसमें जलाया गया।

    डाॅक्टर बाेले-परिजनाें ने रिपाेर्ट छिपा कर पूरे वार्ड काे संक्रमित कर दिया
    न्यूराे वार्ड के इंचार्ज डाॅ. अनिल कुमार ने बताया कि मरीज के परिजनाें ने रिपाेर्ट की जानकारी न देकर पूरे वार्ड काे संक्रमित कर दिया है। वे खुद भी संपर्क में आए थे। चूंकि ओपीडी खुलने के कारण मरीजाें की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में सभी लाेग क्वारेंटाइन में भी नहीं जा सकते। इसलिए छह जून काे सभी डॉक्टरों-नर्साें का सैंपल लिया जाएगा। वे काम करते रहेंगे। किसी की रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई ताे उन्हें काेविड वार्ड में भर्ती किया जाएगा।

    मेडिका ने कहा-2 जून काे ही दे दी थी सूचना; डीसी बाेले- मेडिका का मेल आया था कि संक्रमित मरीज रिम्स में भर्ती है
    इधर, 30 मई काे छत से गिरने से काेकर के रिटायर्ड फाैजी की ब्रेन और गर्दन में गंभीर चाेटें आई थीं। परिजनाें ने उन्हें 31 मई काे मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया। एक जून काे परिजन उन्हें रिम्स ले गए। इससे पहले मेडिका में उनका सैंपल लेकर जांच के लिए काेलकाता भेज दिया गया था। परिजनाें ने डाॅक्टराें काे बताया था कि अभी तक उनकी रिपाेर्ट नहीं आई है। गुरुवार सुबह 9:30 बजे मरीज की माैत हाेने के बाद परिजनाें ने रिपाेर्ट दिखाकर बताया कि वह काेराेना पाॅजिटिव था। रिपाेर्ट उन्हें गुरुवार सुबह ही मिली है। जबकि मेडिका के डाॅक्टराें ने रिम्स काे बताया कि रिपाेर्ट दाे जून काे शाम 3:57 बजे आ गई थी और शाम 4 बजे प्रशासन और मृतक के परिजनाें काे इसकी जानकारी दे दी थी। डीसी राय महिमापत रे ने कहा कि मेडिका से ईमेल आया था कि संक्रमित मरीज रिम्स में भर्ती है। हमने साेचा कि रिम्स ने उसे काेविड वार्ड में भर्ती कर लिया हाेगा। इसलिए हमने कुछ नहीं किया।

    (साभार : दैनिक भास्कर )

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